देश में दंगा भड़काने की साजिश का भंडाफोड़
पीएफआई के 108 सदस्य गिरफ्तार
जानिए इसकी फंडिंग और सरगना की पूरी खबर
लखनऊ – उत्तर प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का विरोध करने के आरोप में पुलिस ने पिछले चार दिनों में पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआई) के 108 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने सोमवार को यहां पत्रकारों को बताया कि “पिछले चार दिनों में हमने 108 पीएफआई के सदस्यों को गिरफ्तार किया है। अभी यह एक शुरूआत है. हम इनकी जड़ों तक जायेंगे और इस संगठन को कहां से किस जरिये से मदद मिलती थी इसका पता लगायेंगे। इसके लिये हम केंद्रीय जांच एजेंसियों के संपर्क में भी है।”
मौलाना है मुखिया
एसआईटी के मुताबिक मौलाना अब्दुल हई हाशमी कानपुर पीएफआई का मुखिया है। वह पहले मदरसों में पढ़ाता था। इसलिए उसे युवाओं का माइंड वॉश करने का काम सौंपा गया था। यही नहीं कानपुर समेत बुंदेलखंड के एक हजार युवाओं को पीएफआई से जोड़ने का टारगेट मौलाना को दिया गया था। इसी दिशा में वह तेजी से लगा था। वह जिसे भड़काता था, उसे भेजे गए वीडियो का हवाला देकर बताता था कि मुस्लिमों के साथ अत्याचार हो रहा है।
20 खातों में भेजी गई रकम
एसआईटी व एटीएस पांचों आरोपियों के बैंक खातों की जानकारी खंगाल रही है। सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने शहर के बीस खातों में रकम भेजी है। रकम नवंबर और दिसंबर में ट्रांसफर की गई है। आशंका है कि ये वही लोग हैं जो हिंसा में शामिल थे, जिनको पीएफआई के सदस्यों ने फंडिंग की। हालांकि अभी तक पुलिस अधिकारियों की तरफ से फंडिंग को लेकर पुख्ता जानकारी साझा नहीं की गई है। जांच पूरी होने के बाद ही अधिकारी इसकी पुष्टि करेंगे।