एमपी के विधायकों को कैंटीन में मिलेगा अब यह भोजन मीनू तैयार


एमपी के विधायकों को कैंटीन में मिलेगा अब यह भोजन मीनू तैयार


मांसाहार का कोई स्थान नही







भोपाल। विधानसभा सचिवालय ने विधायकों की थाली का मैन्यु तय कर दिया है। थाली शुद्ध शाकाहारी होगी। मांसाहार का इसमें कोई स्थान नहीं है। अब प्रयास है कि विधायकों को सस्ती थाली मिले इसके लिए कंपनियों के ऑफर बुलाए गए हैं। कंपनियां रेट देंगी लेकिन शर्तें विधानसभा की होंगी।

विधानसभा विश्रामगृह में विधायकों की सुविधा के लिए एक मात्र कैंटीन हैं। जरूरत पडऩे पर विधयक और यहां अन्य आगंतुक भोजन, नाश्ता इत्यादि करते हैं। वर्तमान में सचिवालय ने इसे किराए पर दिया है। सचिवालय यहां बिकने वाली सामग्री पर नजर तो रखता है लेकिन थाली सहित अन्य सामग्री तय नहीं है। अब सचिवालय इसे व्यवस्थित करना चाह रहा है। इसलिए यहां थाली, नाश्ता और अन्य सामग्री तय कर दी गई है। ऑनलाइन टेंडर भी पहली बार बुलाए गए हैं। ऐसा इसलिए किया गया है जिससे कि बड़ी कंपनियां या फर्म इसमें शामिल हों सकेें। ज्यादा कंपनियों के आने से प्रतिस्पर्धा होगी तो रेट भी कम होंगे।

विधानसभा कमेटी लेगी अंतिम निर्णय:-

विधानसभा की सदस्य सुविधा समिति विधानसभा विश्रामगृह कैंटीन के लिए आए ऑफर का परीक्षण कर अंतिम निर्णय लेगी। कमेटी यह देखेगी कि टेंडर में शामिल होने वाली कंपनियों का टर्नओवर कितना है, वह निर्धारित मापदण्ड को पूरा कर रही है या नहीं। टेंडर में सबसे कम राशि का ऑफर देने वाली कंपनी को सबसे पहले मौका दिया जाएगा। जरूरत पड़ी तो समिति कंपनी को बुलाकर चर्चा भी करेगी।

ड्रेस कोड अनिवार्य:-

विधानसभा कैंटीन में काम करने वाले कर्मचारियों को ड्रेस कोड का पालन करना होगा। साथ ही उन्हें विधायकों और आंगतुको के साथ शालीन व्यवहार रखना भी जरूरी है। यदि किसी कर्मचारी की शिकायत आती है तो उसकी सेवाएं समाप्त करना होगी। यहां कार्यरत कर्मचारी का पुलिस सत्यापन अनिवार्य होगा।

कंपनियों के लिए ये शर्ते अनिवार्य:-

- खाद्य एवं पेय पदार्थ की सामग्री के रेट नोटिस बोर्ड पर चस्पा करना होंगे।

- शिकायत एवं सुझाव पुस्तिका ऐसे स्थान पर रखना होगी जो कि आमजन को आसानी से दिख सके।

- स्वच्छता सफाई के साथ ही भोजन की गुणवत्ता का ध्यान रखना होगा।

- कैंटीन परिसर को आवास स्थान के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। यदि विशेष परिस्थिति में किसी कर्मचारी को यहां रुकना होगा तो सचिवालय की इसकी अनुमति लेना होगी।

- भोजनालय में फर्नीचर सचिवालय उपलब्ध कराएगा। टूट फूट की भरपाई संबंधित कंपनी से की जाएगी।

- जिस व्यक्ति को ठेका मिलेगा, वही इसका संचालन करेगा। वह किसी अन्य को किराए पर नहीं दे सकेगा।

- कंपनी को ठेका दो साल के लिए दिया जाएगा।

ऐसी होगी विधायकों की थाली:-

चपाती शुद्ध घी से चुपड़ी

दाल सादा, दाल फ्राई

सब्जी दो (एक सूखी एवं एक रसेदार)

चावल (अच्छी गुणवत्ता वाले)

सलाद (प्याज, मूली, गाजर, टमाटर, ककड़ी, हरी मिर्च, नीबू आदि)

पापड़, चटनी या अचार

मिष्ठान 100 ग्राम

दही 100 ग्राम

नोट - यदि कोई व्यक्ति सिर्फ रोटी या फिर चावल खाना चाहता है तो उसे यह सामग्री परोसी जाएगी।

अधिकारी बोले:-

विधायक विश्राम गृह में विधायकों और आगंतुकों को बेहतर भोजन मिले, इसकी जिम्मेदारी सचिवालय की है। इसलिए कंपनियों के ऑफर बुलाए गए हैं। थाली सहित अन्य खाद्य सामग्री भी निर्धारित की गई है। जिस कंपनी के रेट कम आएंगे, उन्हेंं बुलाया जाएगा। अंतिम निर्णय विधानसभा की सदस्य सुविधा समिति लेगी।

- एपी सिंह, प्रमुख सचिव विधानसभा-




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