हाईकोर्ट ने कहा- 4 साल से धारा 144 लागू, अहमदाबाद में रहना सुरक्षित नहीं है
अहमदाबाद / सीएए के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों की तरफ दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनवाई की। जस्टिस एसएच वोरा ने कहा कि शहर में 4 साल से धारा 144 लागू है, इसलिए यह कहा जा सकता है कि इस शहर में रहना सुरक्षित नहीं है। दरअसल, निषेधाज्ञा लागू होने के कारण 4 लोग एक जगह पर इकट्ठा नहीं हाे सकते।
जस्टिस वोरा ने कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति कमजोर हो, तो कुछ स्थानों पर तय समय सीमा के लिए धारा-144 का उपयोग किया जा सकता है। इस संबंध में हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है। आईआईएम-ए के फैकल्टी मेम्बर ने पुलिस कमिश्नर को धारा 144 के तहत की गई घोषणाओं को चुनौती देते हुए याचिका दायर की है।
सीएए का विरोध करने वाले हिरासत में
इस संबंध में कोर्ट ने यह सवाल किया है कि 2016 से एक भी दिन ऐसा नहीं गया है, जिस दिन धारा 144 लागू नहीं की गई हो। इस धारा को दुरुपयोग हो, तो यह उचित नहीं। सीएए के विरोध में आईआईएम-ए के बाहर जमा हुए स्टूडेंट्स को पुलिस ने हिरासत में लिया। इस पर आईआईएम-ए के फैकल्टी और अन्य चारों ने पिटिशन कर यह मांग की है कि धारा 144 से शहर में भय के माहौल का संदेश जाता है।