तिरुवनंतपुरम. भारतीय रक्षा शोध संगठन (इसरो) के पूर्व प्रमुख जी माधवन नायर ने शनिवार को भारत के मानव मिशन गगनयान की तारीफ की। उन्होंने कहा कि इस मिशन के सफल होने पर देश के अंतरिक्ष क्षेत्र में बड़ा वाणिज्यिक अवसर पैदा होगा। भारत के लिए लोगों को अंतरिक्ष पर्यटन पर भेजने की संभावना पैदा होगी। उन्होंने केरल सरकार के सहयोग से अंतरिक्ष के विषय पर आयोजित एक कार्यक्रम में यह बात कही।
इसरो दिसंबर 2021 में जीएसएलवी मार्क थ्री से चार एस्ट्रोनॉट्स को अंतरिक्ष भेजने की योजना बना रहा है। इसके लिए सभी एस्ट्रोनॉट्स का चयन किया जा चुका है। यह स्पेस में भारत का पहला मानव मिशन होगा, जिसे स्वदेशी रॉकेट के द्वारा लॉन्च किया जाएगा।
‘दुनिया में ऐसी क्षमता वाले कुछ ही देश’
नायर ने कहा कि गगनयान की सफलता देश के लिए बड़ा वाणिज्यिक अवसर होगा। दुनिया में ऐसी क्षमता रखने वाले कुछ ही देश हैं। भारत को निश्चित तौर पर इसका लाभ मिलेगा क्योंकि इसकी तकनीक बेहतर और किफायती है। इसके बाद भारत चांद और मंगल पर कॉलोनी बसाने पर भी सोच सकता है। चंद्रयान ने चांद की सतह पर हिलियम का पता लगाया है। उन्होंने कहा कि केवल एक टन हिलियम पूरे देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी है।
अंतरिक्ष में सात दिन गुजारेंगे पायलट
इसी साल मई में, वायुसेना ने इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन के साथ गगनयान मिशन के लिए क्रू सिलेक्शन और ट्रेनिंग उपलब्ध कराने का समझौता किया था। इसके तहत, दिसंबर 2021 में गगनयान से तीन सदस्यीय वैज्ञानिकों का एक दल भेजा जाना है, जो कम से कम सात दिन अंतरिक्ष में गुजारेगा।